केरल 100 साल में आई सबसे भयानक बाढ़ के कहर से जूझ रहा है और मोदी सरकार द्वारा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) में अंशकालिक निदेशक बनाए गए एस गुरुमूर्ति इस बाढ़ को सबरीमाला मंदिर के भगवान अयप्पन की नाराज़गी बता रहे हैं।

गुरुमूर्ति ने इस तबाही को सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से जोड़ते हुए ट्वीट किया, “सुप्रीम कोर्ट के जजों को देखना चाहिए कि केस और जो सबरीमाला में हुआ, उसके बीच कोई संबंध है या नहीं। अगर कोई संबंध होने का लाखों में एक चांस भी है तो लोगों को अयप्पन के ख़िलाफ़ फ़ैसला पसंद नहीं आएगा।”

गुरुमूर्ति के इस बयान पर जेएनयू के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने नाराज़गी जताई है। उन्होंने गुरुमूर्ति के बयान को मूर्खतापूर्ण और महिला विरोधी बताया है।

कन्हैया ने फेसबुक के ज़रिए कहा, “RBI के नए डायरेक्टर साहेब को लगता है कि केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश करने के कारण बाढ़ आई है और सुप्रीम कोर्ट को इस बात पर गौर करना चाहिए। इस बात में जितनी बेवकूफ़ी है उससे ज़्यादा आधी आबादी का अपमान है”।

उन्होंने इसके ज़रिए आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा, “संघियों के तर्क के सामने मूर्खता भी नतमस्तक हो जाती है। इनके राज में विज्ञान की हालत “मार्गदर्शक मंडल” से भी ज़्यादा ख़राब है। वैसे इतने ज्ञानी डायरेक्टर साहेब RBI को ज़रूर डुबो देंगे”।

कौन हैं एस गुरुमूर्ति

गुरुमूर्ति स्वदेशी जागरण मंच के सह-संयोजक हैं। उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विचारक भी माना जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के क़रीबी कहे जाने वाले एस गुरुमूर्ति को 8 अगस्त को भारत के केंद्रीय बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) में अंशकालिक निदेशक बनाया गया।

जब नवंबर 2016 में पीएम मोदी ने नोटबंदी का फ़ैसला किया था तो इसके पीछे गुरुमूर्ति का ही दिमाग़ बताया गया था।